Long story for kids | हिंदी कहानी- सबक

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kids story in hindi with moral

दोस्तों, आज की kids story in hindi with moral कहानी का नाम है “सबक” ये बच्चों की कहानी है। इस कहानी से हमे दो शिक्षा moral story in hindi मिलती है। इस कहानी इन हिंदी को आप अपने बच्चों से साथ जरूर शेयर करें। तो चलिए पढ़ते है इस Long story for kids

एक शहर में छठी कक्षा में पढ़ने वाला एक छोटा लड़का रहता था, जिसका नाम दीपक था। दीपक एक बहुत ही सीधा-साधा और भोला लडका था।

  एक दिन जब दीपक अपने कमरे में किताब पढ़ रहा था तो मां ने आकर उसे कहा:-

” दीपक जाओ, पास की दुकान से, इस लिस्ट में जो सामान लिखा है, वो लेकर आओ। 
दीपक तुरंत उठा और मां के हाथ से पर्ची लेकर सामान लाने चला गया।”

जब वह सामान लेकर वापस आ रहा था, तो उसने देखा कि, उसी के स्कूल में, दसवी कक्षा में पढ़ने वाले दो बच्चे, सनी और टोनी सड़क के किनारे खड़े हैं। दीपक उन्हें अनदेखा करके, उनसे बचकर तेज तेज चलने लगा क्योंकि वे दोनों बहुत ही खराब बच्चें थे, ना तो पढ़ाई में उनका मन लगता था और ना ही वे खेलकूद में आगे थे। बस सारा दिन स्कूल में मस्ती करते और स्कूल के बाद यूं ही मटरगश्ती करतें थे।

मगर उन दोनों की नजर दीपक पर पड़ ही गई। वे दोनों भागकर उसके पास आए और उसको रोक लिया। फिर सनी ने उसे बातों में लगाया और टोनी ने चुपके से कुछ सामान नीचे गिरा दिया। फिर गिरे सामान की ओर इशारा करते हुए सनी ने कहा,

” अरे दीपक देखो, शायद ये तुम्हारा कुछ सामान गिर गया हैं। तुम्हारी थैली में से गिर गया होगा लगता है।”

दीपक ने जैसे ही उस सामान को उठाकर देखा, तो टोनी ने तुरंत ही अपने मोबाइल से उसका फोटो खिंच लिया, और उससे कहा:-


” तुम चोरी भी करते हो दीपक, ये तुम्हारे हाथ में मेरा सामान है, मैं कबसे इसे ढूंढ रहा था।
” दीपक बहुत डर गया और रोने लगा। ” नहीं नहीं मैंने कोई चोरी नहीं की है”

“चोरी तो तुमने ही की है, और हमारे पास इसका सबूत भी है। फिर उन्होंने दीपक को अपने मोबाइल से, खिंची हुई फोटो दिखाई, जिसमें उसके हाथ में उन दोनों का सामान था।

फिर  टोनी ने दीपक से कहा, ” अब तुम्हारी यह फोटो हम पूरे स्कूल में दिखाएंगे,और प्रिंसिपल सर को भी बताएंगे कि तुम चोरी करते हो और हमने तुम्हें रंगे हाथों पकड़ा है।”

हां, फिर तो तुम्हें स्कूल से निकाल दिया जाएगा।” सनी ने भी उसे डराते हुए कहा।

” नहीं नहीं भईया, ऐसा मत करना, मुझे घर में बहुत डांट पड़ेगी,और मैंने कोई चोरी नहीं की है,ये तो आप भी जानते हो।” दीपक ने घबराकर कहा।

” तो फिर जों हम तुमसे कहे, तुम्हें वो करना ही होगा, नहीं तो हम ये फोटो सबको दिखा देंगे, फिलहाल आज के लिए तुम ये बिस्किट और चिप्स के पैकेट हमें दे दो” टोनी ने कहा।

” भईया पर मैं मां को क्या कहूंगा? दीपक रोते हुए बोला।

” वो सब तुम ही देखो।” और बिस्किट और चिप्स लेकर वे दोनों हंसते हुए वहां से चले गए।

दीपक इसी सोच में था कि घर पर क्या कहेगा, तभी उसे एक भीखारी दिखा और उसके दिमाग में एक आईडिया आया, उसने घर जाकर मां को कहा कि बिस्किट और चिप्स उसने एक भूखें भिखारी को दे दिए। मां गुस्सा भी हुई और खुश भी।

उस दिन तो दीपक बच गया, पर उसे बहुत दुख भी हुआ कि उसने पहली बार मां से झूठ बोला है।

अब तो ये आए दिन की बात हो गई थी, सनी और टोनी अक्सर दीपक से अपना कोई ना कोई काम करवाते रहते थे। दीपक बहुत परेशान रहने लगा था, क्योंकि इस चक्कर में उसने एक दो बार मम्मी के पर्स से कुछ पैसे भी चुराएं थे, जो उसे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा था। उसकी मां को समझ में तो आ रहा था कि उनका बेटा परेशान हैं, पर लाख पुछने पर भी दीपक उन्हें कुछ ना बताकर, टाल देता था।

एक दिन दीपक बहुत ज्यादा परेशान हो गया और रोने लगा। मां जब उसके कमरे में गई और प्यार से उसके सिर पर हाथ फेरने लगी। तो दीपक के सब्र का बांध टूट गया और उसने मां को सारी बात बता दी।

मां ने गुस्सा करने के बजाय, उसे गले लगाते हुए कहा:-

” रो मत दीपक, देखो जो हुआ वो हुआ, पर बेटा मैंने तुम्हें कितनी बार समझाया था कि, अपने माता-पिता से कभी भी कोई बात नहीं छुपाना चाहिए। कितनी भी बड़ी गलती हो, या कोई भी बात हो सबसे पहले अपने माता-पिता या घर में किसी को बतानी चाहिए। वे हमें हमारी गलती पर डांटेंगे और सज़ा भी देंगे, पर बेटा वे ही हमें इससे बाहर भी निकालेंगे।”

तुमने ये कैसे सोच लिया कि हम भी तुम्हे चोर समझेंगे, हम पहले पूरी बात समझते फिर ही कोई फैसला लेते, और एक बात, तुम्हें अब अपने आप को बहुत मजबूत बनाना होगा, देखो तुम्हारी कमजोरी का उन दोनों ने कैसा फायदा उठाया। 

बेटा, तुमने तो यह भी नहीं सोचा कि सिर्फ़ मोबाइल में फोटो होने से ये कैसे सिद्ध हो जाएगा कि तुम चोर हो, और सनी और टोनी का रिकॉर्ड देखकर तो कोई भी उन दोनों की बातों पर विश्वास नही करेगा। खैर मैं कल ही तुम्हारे साथ स्कूल चलूंगी और तुम्हारे प्रिंसिपल सर को सारी बात बताउंगी, अब तुम चिंता मत करो, हमें तुम पर पूरा विश्वास है।

मां की बात सुनकर दीपक का सारा डर, सारी चिंता दूर हो गई। कई दिनों से उसका मन जो अशांत था, अब उसके मन की सारी उथल-पुथल दूर हो गई थी।

मां ने अगले ही दिन स्कूल जाकर, प्रिंसिपल सर को सारी बात बताई। सर ने सनी और टोनी के मम्मी पापा को बुला कर, उन दोनों को उनके बच्चों की करतूतों के बारे में बताया। सनी और टोनी, दोनों को सभी से बहुत डांट पड़ी और कुछ दिनों के लिए स्कूल से भी निकाल दिया गया।

सनी और टोनी के मम्मी-पापा भी बहुत शर्मिन्दा हुए, उन्हें प्रिंसिपल सर और दीपक और उसकी मम्मी से माफी भी मांगनी पड़ी। प्रिंसिपल सर ने सनी और टोनी को आखरी हिदायत देते हुए कहा कि यदि इसके बाद भी वे दोनों नहीं सुधरते है तो उन्हें बाल सुधार गृह में भेज दिया जाएगा।

अपने मम्मी पापा की सबके सामने बेइज्जती होती देख कर सनी और टोनी भी दुखी हो गए और साथ ही बाल सुधार गृह में रखे जाने के डर से उन्होंने खुद में बदलाव और सुधार लाने की प्रतिज्ञा की।

शिक्षा (Moral of the story) इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि चाहे कोई भी बात हो, या हमारी कोई भी गलती हो, हमें अपने माता-पिता से कुछ भी नहीं छुपाना चाहिए। हो सकता है वे हमें हमारी गलती पर डांटे या सजा भी दे, पर वे ही हमारी सहायता भी करेंगे।

और दुसरी शिक्षा यह भी मिलती है कि कभी भी ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए, जिससे हमारे माता-पिता को दुःख हो, या उन्हें दुसरो के सामने शर्मिन्दा हुए होना पड़े।


दोस्तों, आपको आज की यह story in hindi जोकि moral story for kids है कैसी लगी, हमे comment कर के जरूर बताए, और shayaribell.com को follow करना न भूलें।
धन्यवाद!

Story in hindi written by:- Renuka raaj
Image credit:- canva.com
, freepik.com


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