Harivansh Rai Bachchan Poem Hindi | दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!

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दोस्तों, आज हम आपके लिए लेकर आए है! Famous hindi poet श्री हरिवंश राय बच्चन की कविता (harivansh rai bachchan poem hindi ) जो हिंदी साहित्य में काफी प्रसिद्ध है! Harivansh rai bachchan ki kavita हमे अपने लक्ष्य में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते है! आज भी हरिवंश राय बच्चन जी की कविता ( Harivansh rai bachchan poetry ) उतनी ही पसंद की जाती है जितनी पहले की जाती थी! 

Harivansh Rai Bachchan Poem Hindi

हो जाय न पथ में रात कहीं, मंजिल भी तो है दूर नहीं 
यह सोच थका दिन का पंथी भी जल्दी-जल्दी चलता है!
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!


बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों से झाँक रहे होंगे 
यह ध्यान परों में चिड़ियों के भरता कितनी चंचलता है!
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!


मुझसे मिलने को कौन विकल?
मैं होऊँ किसके हित चंचल? 
यह प्रश्न शिथिल करता पद को, भरता उर में विह्वलता है!
दिन जल्दी-जल्दी ढलता है!


दोस्तों, कैसे लगी harivansh rai bachchan poems in hindi “दिन जल्दी-जल्दी ढलता है” poetry of harivansh rai bachchan किसे पसंद नही होगी! स्कूल की हिंदी पुस्तक में भी ( poems by harivansh rai bachchan ) हम ने हरिवंश राय बच्चन की हिंदी कविताएँ पढ़ी है! 

धन्यवाद!


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