Dhanteras Poems in Hindi | धनतेरस पर कविता

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Dhanteras Poems in Hindi: आज के लेख में आप पढ़ने जा रहे है। धनतेरस पर लिखी हिंदी कविता (Dhanteras Kavita In Hindi) इन कविताओं को धनतेरस के शुभ अवसर पर स्कूलों और कॉलेजों में सुनाया जा सकता है।


धनतेरस भारत में मनाया जाने वाला एक विशेष त्योहार है जो हिंदू धर्म के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसे धनत्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। यह त्योहार दिवाली के उत्सव की शुरुआत करता है, जो पांच दिनों तक चलता है। यह दिन बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। इस त्योहार के दौरान लोग देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं। वे दिवाली के लिए अपने घरों की साफ-सफाई और सजावट भी करते हैं।

हर साल कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी को धनतेरस मनाया जाता है। इस साल धनतेरस का त्योहार 10 नवंबर 2023 को पड़ रहा है। आइए अब आपको बताते है धनतेरस पर लिखी हुई कुछ कविताऍं।

धनतेरस पर कविता हिंदी में (Dhanteras Par Poems in Hindi)

धन से ही तो रस हैं सारे
धन ही सुख-दुख के सहारे,
धन ही मंदिर,धन ही पूजा।

न ऐसा कोई पर्व दूजा
धन ने किये हैं रौशन बाजार,
बिन धन यहाँ न कोई मनुहार
सब चाहें चखना इस रस का स्वाद।

बिन धन जीवन है बकवास
धन ही पहचान,यही अभिमान,
सिवा इस रस के न कोई गुणगान।

गज़ब है चाह न दिल कभी
भरता पीने को ये रस हर कोई मचलता,
उमर बीत जाए न होगा कभी बस
जितना मिले ले लें धन ते रस।



धनतेरस पर कविता (Very Short Poem on Dhanteras in Hindi)

धनतेरस के पर्व पर, सजे हुए बाज़ार
घर में लाओ आज कुछ, नये-नये उपहार,

झालर-दीपों से सजे, आज सभी के गेह
मन के नभ से आज तो, बरसे मधुरिम नेह
रहे हमेशा देश में, उत्सव का माहौल,

मिष्ठानों का स्वाद ले, बोलो मीठे बोल
सरस्वती के साथ हों, लक्ष्मी और गणेश
तब आएगी सम्पदा, सुधरेगा परिवेश,

उल्लू बन जाना नहीं, पाकर द्रव्य अपार
धन के साथ मिले सदा, मेधा का उपहार।



धनतेरस हिंदी कविता (Dhanteras Poem in Hindi)

जग मग,जग मग चाँद सितारे,
देवी लक्ष्मी के चरण पधारे।

व्यापारी के भाग्य सवारे,
धनतेरस के बजे नगाड़े।

हुआ दीपावली का शुभारंभ,
नव वर्ष का सफल प्रारम्भ।

सभी ख़ुशी-ख़ुशी गाये मल्हार,
धनतेरस का हैं त्यौहार।



धनतेरस कविता (Dhanteras Kavita In Hindi)

सबको धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ
धन के देव कुबेर को धन तेरस पर पूज।
दीवाली पर धन मिले, शुभ हो भाईदूज॥

सांय काल में कीजिए, शुभ मुहुर्त में काज।
उत्तर में हो स्थापना, धनतेरस की आज।
धन्वंतरि की सद कृपा, सुख देगी आरोग्य ॥

उसके पूजन भक्ति से, ही बदलेगा भाग्य।
धनतेरस देगी तुझे, सुख के पल अनमोल।
हो जाएँगे दूर सब, तेरे दुख के झोल॥

स्वर्ण रजत की चीज कुछ घर में लाएँ आज।
बन जाएँगे देखिए, सारे बिगड़े काज॥



हिंदी में धनतेरस कविता (Dhanteras Poem Hindi)

पंच पर्व की शुरुआत हुई, आओ मिलजुल खुशी मनाएं।
स्वच्छता और झूमर, आओ खुशियों के दीप जलाएं।।

धनतेरस का दिन है आया, झाड़ू सभी अवश्य खरीदें।
है प्रतीक लक्ष्मी माता का, दूर करे दारिद्रय का साया।।

अन्दर बाहर सुन्दरतम हो, ऐसा स्वच्छ स्वदेश हमारा।
सुख सौभाग्य सदा बरसे, जगमग हो रोशन जग सारा।।



धनतेरस पर कविता 2023 (Dhanteras Poem 2023)

भु धन दे निर्धन मत करना
माटी को कंचन मत करना

निर्बल के बल रहो राम जी,
निर्धन के धन रहो राम जी
मात्र न तन, मन रहो राम जी
धूल न, चंदन रहो राम जी..

शुद्ध करो निज मन मंदिर को
क्रोध-अनल लालच-विष छोडो
परहित पर हो अर्पित जीवन
स्वार्थ मोह बंधन सब तोड़ो
जो आँखों पर पड़ा हुआ है
पहले वो अज्ञान उठाओ

पहले स्नेह लुटाओ सब पर
फिर खुशिओं के दीप जलाओ जहाँ
रौशनी दे न दिखाई उस पर भी
सोचो पल दो पल वहाँ किसी की

आँखों में भी है आशाओं का शीतल जल
जो जीवन पथ में भटके हैं उनकी नई राह
दिखलाओ पहले स्नेह लुटाओ सब पर
फिर खुशियों के दीप जलाओ

नवल ज्योति से नव प्रकाश हो
नई सोच हो नई कल्पना
चहुँ दिशी यश, वैभव, सुख बरसे

पूरा हो जाए हर सपना
जिसमे सभी संग दीखते हों
कुछ ऐसे तस्वीर बनाओ
पहले स्नेह लुटाओ सब पर
फिर खुशियों के दीप जलाओ।


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उम्मीद है धनतेरस पर लिखी ये कविताएं आपको पसंद आई होगी। ऐसी हिंदी कविता पढ़ने के लिए Shayaribell.Com को फॉलो करना ना भूलें। इस आर्टिकल को धनतेरस के दिन अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

Image Credit:- Freepik


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